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IFWJ के निर्वाचन अधिकारी ने IFWJ राष्ट्रीय कमिटी की घोषणा नहीं की, पद पर बने रहना चाहते हैं पिता-पुत्र

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चेन्नई: IFWJ की वर्किंग कमिटी ने वर्ष 2018-2020 के लिये राष्ट्रीय कमिटी के गठन के लिये तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष सहायराज को निर्वाचन अधिकारी घोषित किया था। IFWJ की टेंकासी-कन्याकुमारी सम्मेलन में भी राष्ट्रीय कमिटी के चुनाव की बात कही गयी परंतु चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी।बिना निर्वाचन अधिकारी के सहमति के *के.विक्रम राव* द्वारा नई कमिटी की घोषणा विपिन धुलिया के हस्ताक्षर से कर दी गयी जो कि पूरी तरह असंवैधानिक है। IFWJ के महासचिव मदन गौड़ा, कोषाध्यक्ष श्याम बाबू को बिना वर्किंग कमिटी के सहमति से पदमुक्त कर नई नियुक्ति कर दी गयी।IFWJ की सभी राज्य इकाई वार्षिक शुल्क प्रतिवर्ष राष्ट्रीय कमिटी के खाते में जमा करती है उस शुल्क का लेखा कभी भी राष्ट्रीय वर्किंग कमिटी में प्रस्तुत नहीं किया गया।विक्रम राव एंव उनके पुत्र विश्वदेव राव जब जिसे चाहते हैं उसे राष्ट्रीय कमिटी में शामिल कर देते हैं चाहे वह श्रमजीवी पत्रकार हो या ठीकेदार।पत्रकार हितों के संघर्ष के नाम पर कांफ्रेसन(टूरिस्ट यात्रा) में प्रत्येक सदस्यों से 500₹ शुल्क लिये जाते हैं उस शुल्क का हिसाब कभी भी राष्ट्रीय कमिटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाता है।श्रमजीवी पत्रकारों के नाम पर बने संगठन में कभी भी श्रमजीवी पत्रकार को किसी प्रकार की समस्या होने पर सहायता नहीं करता।बिहार, झारखण्ड एंव छतीसगढ़ में पत्रकारों की हत्या के बाद उन्हें किसी प्रकार की कोई आर्थिक सहायता IFWJ की राष्ट्रीय कमिटी द्वारा नहीं की गयी।
IFWJ की सभी राज्य इकाइयों ने इस मनमानी के विरुद्ध शंखनाद कर दिया है।साथ ही पूर्व कमिटी के पदाधिकारियों के निष्कासन एंव जिन राज्यों की मान्यता रद्द की है उसे असंवैधानिक बताया है।IFWJ के नाम का उपयोग कर रहे सभी राज्य इकाइयों की एक आवयश्क बैठक लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली में रखी गयी है।इस बैठक में नई कमिटी का गठन एंव अन्य गंभीर मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जायेगा।

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